प्रयागराज, जुलाई 26 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातक में सीटें घटाए जाने का असर संबद्ध कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। इस बार नॉन-सीयूईटी छात्रों के लिए कॉलेजों में प्रवेश की राह पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण होगी। पहले बड़ी संख्या में सीयूईटी छात्र विश्वविद्यालय में प्रवेश ले लेते थे, जिससे कॉलेजों में नॉन-सीयूईटी छात्रों के लिए सीटें बच जाती थीं। अब विश्वविद्यालय की सीटें कम होने से अधिक सीयूईटी अभ्यर्थी कॉलेजों का रुख करेंगे। इससे कॉलेजों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। बीकॉम में इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है, क्योंकि इस पाठ्यक्रम में पहले से ही मेरिट ऊंची रहती है।

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