लखनऊ, जून 5 -- कैंसर मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए सरकारी खजाने से खरीदी जाने वाली महंगी दवाएं अब इलाज से ज्यादा कमाई का जरिया बनती नजर आ रही हैं। केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में सामने आए कथित दवा घोटाले की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी पढ़ें- डॉ. संजीव निलंबित, हेड डॉ. अपजीत से जवाब-तलबकेजीएमयू में असाध्य रोग योजना पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार विभाग में हुए कथित घोटाले का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा कैंसर की दवाओं से जुड़ा है। जबकि शेष 10 प्रतिशत गड़बड़ी प्रोटीन और आयरन जैसी अन्य दवाओं की खरीद में पाई गई है। केजीएमयू में असाध्य रोग योजना के तहत करीब 1500 मरीज पंजीकृत हैं। यह भी पढ़ें- लारी में मरीज को पांच स्टेंट लगाने के मामले की जांच शुरूदवा घोटाले का खुलासा इनमें...