नई दिल्ली, जुलाई 30 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गाजियाबाद में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में कहा कि जिन निजी अस्पतालों ने बच्ची के जीवित रहते हुए इलाज करने से इनकार किया, वे 'आपराधिक रूप से लापरवाह' थे। शीर्ष अदालत ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट पर यह टिप्पणी की।

मामले की सुनवाई देश के प्रधान न्यायाधीश न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने यह टिप्पणी तब की, जब बताया गया कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में दोनों निजी अस्पतालों के साथ-साथ संबंधित थाना के प्रभारी के खिलाफ ‌कार्रवाई की सिफारिश की है। भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने एसआईटी रिपोर्ट दाखिल होने की जानकारी देते हुए ...