मथुरा, अक्टूबर 14 -- आकाशवाणी में प्रशासनिक लापरवाही और लेटलतीफी के चलते गंभीर रूप से बीमार वरिष्ठ महिला कर्मचारी का समुचित उपचार न होने से निधन हो गया। आकाशवाणी में यूडीसी (उच्च श्रेणी लिपिक) पद पर तैनात मायारानी सारस्वत लंबे समय से अस्वस्थ थीं और नोएडा के कैलाश अस्पताल एवं हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती थीं। परिजनों का आरोप है कि विभाग द्वारा इलाज के लिए अस्पताल को आश्वासन पत्र देने में की गई देरी के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई। ​अस्पताल प्रबंधन ने उपचार के लिए चार लाख 45 हजार 804 रुपये का एस्टीमेट बिल जारी किया था। मृतका की पुत्री ने नौ अक्तूबर को केंद्राध्यक्ष आकाशवाणी मथुरा को पत्र देकर बिल भुगतान या अस्पताल को अग्रिम भुगतान का औपचारिक पत्र जारी करने की गुहार लगाई थी। परिजनों का आरोप है कि आकाशवाणी आ...