भागलपुर, जुलाई 1 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। पारिवारिक व आपसी संबंधों में आ रही खटास समेत कामकाज के बोझ से ग्रसित लोग इन दिनों आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। जबकि जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्तपाल के मानसिक रोग विभाग के एचओडी डॉ. गौरव का मानना है कि आत्महत्या की प्रवृत्ति मानसिक स्वास्थ्य की सबसे गंभीर आपात स्थितियों में से एक है। ऐसे समय में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, चिकित्सा विज्ञान में केटामिन एक ऐसी दवा के रूप में उभरा है, जो कुछ चुनिंदा मरीजों में आत्महत्या के तीव्र विचारों को घंटों से एक-दो दिनों के भीतर कम करने में मदद कर सकती है। हाल ही में हमारे संस्थान में एक अत्यधिक आत्मघाती विचारों से ग्रस्त मरीज को विशेषज्ञों की निगरानी में केटामिन उपचार दिया गया। उपचार के अगले ही घंटे मरीज की मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय...