गोरखपुर, जून 19 -- गोरखपुर। तीसरे मोहर्रम पर मस्जिदों में जुमा की तकरीर में इमाम हुसैन व शुहदाए कर्बला की जिंदगी व शिक्षाओं पर रोशनी डाली गई। शुहदाए-कर्बला का जिक्र सुन सबकी आंखें नम हो गईं। गोरखनाथ, रहमतनगर, तुर्कमानपुर आदि मोहल्ले के युवा रोजा रख कर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार में मौलाना महमूद रजा कादरी की ओर से जिक्रे शुहदाए कर्बला महफिल हुई। जिसमें मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने कहा कि शुहदाए कर्बला ने दुनिया को तौहीद, सब्र व इंसानियत का एक अजीम पैगाम दिया है। कर्बला की जंग दुनिया की पहली इंतिहाई बेरहम जालिमाना कार्रवाई थी। यह भी पढ़ें- हजरत इमाम हसन-हुसैन से मोहब्बत ईमान की पहचान जिसमें शहीद हुए लोगों में छह माह के बच्चे से लेकर 78 साल के बुर्जुग शामिल थे। मकतब इस्लामियात चिंगी शहीद इमाम चौक...