मोतिहारी, जून 23 -- मोतिहारी,मोतिहारी संवाददाता । कर्बला की जंग सत्य और असत्य के बीच निर्णायक संघर्ष था। ईमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ अत्याचार, अन्याय और ज़ुल्म के सामने झुकने से इंकार कर दिया। भूख, प्यास और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हक़ और इंसाफ़ का दामन नहीं छोड़ा। ये बातें यूपी के घोसी से आये मौलाना कासिफ रजा गुलजार ने शिया ईमामबाड़े में आयोजित मजलिस में कही। उन्होंने बताया कि कर्बला हमें सिखाती है कि हमें सत्य के लिए डटे रहना, अन्याय का विरोध करना और अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहना चाहिए। ईमाम हुसैन और उनके वफ़ादार साथियों की शहादत आज भी इंसानियत, साहस, सब्र और बलिदान की सबसे महान मिसाल है। यह भी पढ़ें- सैदपुर में निकाला गया मोहर्रम का जुलूस सैदपुर में निकाला गया मोहर्रम का जुलूस...