लखनऊ, दिसम्बर 8 -- इमरजेंसी मरीजों में अल्ट्रासाउंड जांच की भूमिका बढ़ गई है। दिल, फेफड़े और रक्तस्राव का पता लगाने में अल्ट्रासाउंड जांच अहम हैं। पांच से सात मिनट में जांच कर मरीज का इलाज शुरू किया जा सकता है। यह जानकारी इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने दी। वह सोमवार को सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन की ओर से पीजीआई में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आर्गनाइजिंग चेयरमैंन डॉ. लोकेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इमरजेंसी में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है। इससे ट्रॉमा, दिल संबंधी समस्याएं, फेफड़े और रक्तस्राव का पता लगाने में किया जाता है। ताकि पारंपरिक इमेजिंग की देरी से बचा जा सके। मरीज के बिस्तर पर ही त्वरित निर्णय लिए जा सकें। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने कहा कि इमरजेंसी मेडिसिन का द...