बिहारशरीफ, फरवरी 26 -- बिहारशरीफ। जलवायु परिवर्तन, अतिक्रमण, गाद और जरूरत से कम बारिश का गहरा असर नालंदा की नदियों पर पड़ा है। यहां छोटी-बड़ी 40 नदियां हैं। फरवरी में ही सारी नदियां सूख गयी हैं। एक भी में पानी नहीं है। छोटी नदियों को छोड़ दीजिए, बड़ी नदियों में शुमार पंचाने, मुहाने, लोकाइन, जिराइन, सकरी व पैमार में भी पानी का नामोनिशान नहीं है। जहां-तहां कुछ गड्ढे हैं, उसमें थोड़ा-बहुत पानी दिखता है। इसका सीधा असर खेती-किसानी, मछली पालन, पशु पालन, पर्यावरण और भू-जलस्तर पर पड़ रहा है। जिले का औसत भू-गर्भ जलस्तर करीब 44 फीट पर चला गया है। सरदार बिगहा के किसान धनंजय कुमार, करायपरसुराय के मनोज कुमार, अस्थावां के प्रेम रंजन कुमार, चंडी के मिथिलेश कुमार कहते हैं कि पहले जून-जुलाई में अच्छी बारिश होती थी तो प्राय: नदियां लबालब भर जाती थीं। खरीफ ...