रांची, अप्रैल 10 -- रांची। रांची विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. कंजीव लोचन ने शुक्रवार को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में आमंत्रित व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की तरह इतिहास लेखन को भी गांव के गरीब तबके तक पहुंचाने की आवश्यकता है। डॉ. लोचन ने विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति के इतिहास की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापक शोध पर जोर दिया। इस अवसर पर बीएचयू और पटना के कई प्रतिष्ठित इतिहासकार उपस्थित थे।

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