प्रयागराज, अप्रैल 8 -- प्रयागराज। दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर हाईकोर्ट के समीप स्थित पानी की टंकी का जर्जर हो चुका रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अब इतिहास बनने जा रहा है। 850 मीटर लंबे ब्रिज को ध्वस्त करने का कार्य 15 मई से शुरू किया जाएगा और पूरी तरह से हटाने में दो महीने का समय लग जाएगा। अब इसके लिए राज्य सेतु निगम प्रयागराज इकाई की ओर से विभागीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पानी की टंकी आरओबी को ध्वस्त करने का कार्य सेतु निगम व एनसीआर दोनों मिलकर करेंगे। खास बात है कि यह शहर का पहला ऐसा ब्रिज है, जिसे पीडब्ल्यूडी ने वर्ष 1962 में बनाया था और बनाए जाने के आठ वर्षों के बाद सेतु निगम को सौंप दिया गया था। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अक्तूबर 1969 में निगम के अधिशाषी अभियंता एमएमडी सेठ थे। पिछले दो वर्षों से जर्जर होने के बाद ब्रिज स...