नई दिल्ली, अगस्त 3 -- कहते हैं कि दिल्ली के दिल की धड़कन कनॉट प्लेस है। वही कनॉट प्लेस, जिसे ब्रिटिश हुकूमत ने लंदन की तर्ज पर बसाने की कोशिश की। इसके लिए ब्रिटेन के नामी आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियन्स और हरबर्ट बेकर को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने सीपी का डिजाइन लंदन के पिकाडिली सर्कस की तर्ज पर बनाया। गोलाकार बसाए गए सीपी में व्यापार, मनोरंजन से लेकर अंग्रेज अधिकारियों और हाई क्लास लोगों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया कराई गई थीं।पहले दिल्ली को राजधानी बनाया गया कनॉट प्लेस के बारे में जानने से पहले थोड़ा समझिए, दिल्ली देश की राजधानी कब, क्यों और कैसे बनी। साल 1911 में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम ने दिल्ली दरबार में ऐलान किया कि भारत की राजधानी कोलकाता से दिल्ली लाई जाएगी। इसकी वजह रही, दिल्ली का भारत के केंद्र में होना, मुगलों की पुरानी ...
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