इटावा औरैया, फरवरी 23 -- विविधता में एकता की भावना के साथ सभी हिन्दू परिवारों द्वारा अपने धार्मिक ग्रंथों के स्वाध्याय तथा तदनुसार जीवन चर्या का अनुपालन करने से ही हमारा भारत राष्ट्र अपने पूर्ववत गौरव के शिखर को फिर हासिल करेगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तृतीय चरण में आयोजित किए जा रहे हिन्दू सम्मेलन में कालीबाड़ी पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सुबोधानंद सरस्वती ने उक्त विचार व्यक्त किये। मुख्य वक्ता संघ के विभाग प्रचारक यशवीर ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता बहुत विशाल है, इसी विविधता को एक माला में संजो के रखने के उद्देश्य को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तृतीय चरण में विराट हिन्दू सम्मेलन हर बस्ती हर मंडल तक आयोजित करवाने के लिए तत्पर है। श्रीराम भाग की कटरा फतेह महमूद खां बस्ती में यह ...