इटावा औरैया, फरवरी 3 -- इटावा, संवाददाता। वेटलैंड डे बर्ड फेस्टिवल पर सामाजिक वानिकी प्रभाग, जिला गंगा समिति व जिला पर्यावरण समिति ने छात्रों व ग्रामीणों को जागरुक करने के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन पक्षी व्याख्यान केंद्र सरसई नावर में किया। उप प्रभागीय निदेशक विमल सिंह ने बताया कि 1971 में पहली बार रामसर कंजर्वेशन में प्राकृतिक जल स्रोतों नदी ,तालाब, तलैया, पोखर को बचाने की कवायद शुरू की गई। 1997 में पहली बार सरकारी तौर पर भारत में इनके प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से नमभूमि दिवस मनाया जाता है। वन क्षेत्राधिकारी भरथना शौकत उल्ला ने बताया कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले झील तालाब पृथ्वी की किडनी की तरह काम करती हैं। यह हमारे भूगर्भ जल के सबसे बड़े स्रोत हैं इसलिए हमे जल एवं पक्षियों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।प्रधानाचार्य नेम सिंह...