इटावा औरैया, मार्च 22 -- जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा है कि सिनेमा को लेकर एकेडमिक कार्यक्रम का आयोजन करना और उसे शैक्षणिक वातावरण से जोड़ना सराहनीय कार्य है। यहां राजकीय पंचायतीराज महाविद्यालय में सिनेमा पर आयोजित संगोष्ठी में उन्होने कहा कि इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। इससे छात्रों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. रिपुदमन सिंह ने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज का दर्पण भी है। बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर से आये डा. गौरव तिवारी ने सिनेमा को सभी ललित कलाओं का समन्वित रूप बताया। उन्होंने कहा कि सिनेमा में साहित्य, संगीत, नृत्य, चित्रकला और नाट्य जैसे विभिन्न कलात्मक तत्वों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सिनेमा ने भारत...