इटावा औरैया, नवम्बर 11 -- इष्टिकापुरी (इटावा) की पावन भूमि पर हो रहे 1108 कुण्डीय मृत्युंजय माँ पीतांबरा महायज्ञ के चतुर्थ दिवस पर मंगलवार को पूरे यज्ञमंडप में दिव्यता का अप्रतिम दृश्य देखने को मिला। तीन पालियों में हुईं आहुतियों के साथ संपूर्ण नगर "स्वाहा" की गूंज से गुंजायमान हो उठा। हर दिशा से वेदघोष, शंखध्वनि और हवन की पवित्र अग्नि ने वातावरण को पवित्रता से आलोकित कर दिया। इष्टिकापुरी के धर्मनिष्ठ लोग अत्यंत उत्साह और समर्पण के साथ यज्ञ में शामिल होकर आहुतियां डाल रहे हैं। मंगलवार का दिन इष्टिकापुरी की अध्यात्मिक चेतना का साक्षात् रूप बना जहाँ हर आहुति के साथ एकता, श्रद्धा और धर्म की ज्योति और अधिक प्रखर होती गई। यज्ञ को लेकर श्रद्धालुओं में इतना अधिक उत्साह है कि वह शामिल होने के लिए समय से पहले ही यज्ञ स्थल पर पहुंच रही है। जहां यज्...