इटावा औरैया, जनवरी 27 -- शनिवार की देर रात जिला महिला अस्पताल में मासूम को इलाज न मिलने की घटना को जिलाधिकारी ने भी गंभीरता से लिया है। इसके बाद आनन फानन में महिला अस्पताल के सीएमएस ने एसएनसीयू में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ सहित 6 स्टाफ का एक दिन का वेतन रोका है और कड़ी चेतावनी भी दी है। वेतन रुकने से अस्पताल के अन्य स्टाफ में भी हड़कंप मचा हुआ है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने सोमवार के अंक में रात में मत जाना महिला अस्पताल, नहीं मिलेगा इलाज शीर्षक के साथ खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। सरकार के निर्देश हैं कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज दिया जाए लेकिन सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और स्टाफ की मनमानी के चलते मरीज को गुणवत्तापूर्ण तो दूर की बात साधारण इलाज भी नहीं मिल पाता है। कहीं न कहीं जिम्मेदारों का अपने स्टाफ पर कोई नियंत्रण नहीं...