चतरा, अप्रैल 4 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। सरकार का हर घर नल से जल का सपना सिमरिया प्रखंड के इचाक खुर्द गांव में पूरी तरह धराशायी होता दिख रहा है। यहां जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों की लागत से खड़ी की गई जल मीनारें ग्रामीणों की प्यास बुझाने के बजाय महज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। गांव के कई टोलों में पिछले एक साल से ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। ग्रामीणों का सबसे बड़ा दर्द यह है कि विभाग ने जल मीनारें स्थापित करने के लिए उन पुराने चापाकालों का सहारा लिया जो अच्छी स्थिति में थे। विभाग ने चालू चापाकालों के पाइप निकालकर वहां मोटर और जल मीनारें तो खड़ी कर दीं, लेकिन उनके खराब होने के बाद न तो मोटर सुधारी गई और न ही चापाकलों को वापस चालू किया गया। नतीजा यह है कि अब ग्रामीणों के पास पान...
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