हजारीबाग, जनवरी 24 -- दारू प्रतिनिधि दारू हरली में गुरुवार को हुए सड़क हादसे ने टटगांवा के एक हंसते-खेलते परिवार को ऐसी चोट दी है जिसे देख हर आंख नम है। घर का इकलौता चिराग अरुण कुमार (30) पिता रामचंद्र महतो का शव जैसे ही शुक्रवार को गांव पहुंचा, पूरा इलाका चीत्कारों से दहल उठा। जिस गांव में मां सरस्वती की वंदना के स्वर गूंजने थे, वहां आज सिसकियों का शोर था। शोक की लहर ऐसी कि पूरे गांव में न तो किसी के घर चूल्हा जला और न ही कहीं मां शारदे की प्रतिमा स्थापित हुई। जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही पत्नी मृतक अरुण की पत्नी ज्योति कुमारी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। वह रांची के रिम्स अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि गुरुवार को अरुण अपनी पत्नी ज्योति को परीक्षा दिलाने मोटरसाइकिल से हजारीबाग ले जा रहा था। इसी दौरा...