नई दिल्ली, जनवरी 7 -- अरुण चट्ठा स्वास्थ्य बीमा के सापेक्ष किए गए क्लेम के भुगतान को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। बीमा कंपनियों द्वारा अनुबंध की शर्तों और नियमों का हवाला देकर बड़े पैमाने पर क्लेम को रद्द किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अस्पताल पॉलिसीधारक को भर्ती करने से बच रहे हैं। कारण, कैशलेस का दावा करने वाली बीमा कंपनियां समय पर इलाज पर खर्च का पूरा भुगतान नहीं कर रही हैं। इसी का नतीजा है कि स्वास्थ्य व सामान्य बीमा को लेकर होने वाली शिकायतों में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि जीवन बीमा शिकायतों में गिरावट आई है। आंकड़े बताते है कि बीते वित्तीय वर्ष में सामान्य और स्वास्थ्य बीमा के तौर पर बीमा कंपनियों ने 94,248 करोड़ रुपये के 3.26 करोड़ दावों का भुगतान किया है, लेकिन कुल दावों में से आठ प्रतिशत से अधिक दावों को खारिज कर दिया। जबकि ...