इंदौर, अगस्त 22 -- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के बाद शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। इसी बीच सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की जांच से भी गंभीर स्थिति सामने आई है। शहर के नौ प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों के पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। NABL प्रमाणित प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इनमें से छह संस्थानों के पानी में ई-कोलाई और कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए। पानी में इन जीवाणुओं की मौजूदगी आमतौर पर मल से होने वाले प्रदूषण की ओर संकेत करती है। अस्पतालों में इस तरह की स्थिति इसलिए अधिक गंभीर मानी जाती है, क्योंकि यहां नवजात बच्चों से लेकर आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीज तक इलाज के लिए आते हैं।नौ में छह जगह पानी की गुणवत्ता पर सवाल जांच के लिए नौ सरकारी अस्पतालों के पे...