रांची, मई 23 -- तीन साल से पति के लौटने के इंतजार में उसकी आंखें पथरा गई हैं, लेकिन उसने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है। उका पति सीआरपीएफ कांस्टेबल बादल मुर्मू 2023 से लापता हैं। माना जाता है कि प्रतिबंधित संगठन के पोलित ब्यूरो के अंतिम सक्रिय सदस्य मिसिर बेसरा के नेतृत्व वाले माओवादियों ने उन्हें बंदी बना लिया है।राष्ट्रपति को कई चिट्ठियां लिखीं गुरुवार को 27 माओवादियों के सरेंडर के बाद भी जब बादल का कुछ पता नहीं चला तो उनकी पत्नी झानो मुर्मू ने कहा कि उम्मीद की किरणें धुंधली होती जा रही हैं। झानो कहती हैं कि लगभग तीन सालों से हर बार सरेंडर के बाद उन्हें उम्मीद होती थी कि अधिकारी उनके पति के बारे में कोई अच्छी खबर लेकर आएंगे। उन्होंने पति के लौटने की उम्मीद अभी छोड़ी नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति को कई चिट्ठियां लिखी हैं और 2024 में केंद्री...