बाराबंकी, जुलाई 3 -- बाराबंकी, संवाददाता। मानसून की बारिश से भले ही किसानों के चेहरे खिल उठे हों, लेकिन खाद न मिलने से उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही हैं। नए नियम और मानकों से किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों को कहना है कि जरूरत के सापेक्ष खाद नहीं मिली तो धान का उत्पादन प्रभावित होगा। जिससे किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। जिले में इस बार 203248 हेक्टेयर धान का अच्छादित लक्ष्य है। जुलाई के पहले सप्ताह से ही धान की रोपाई शुरू हो जाती है। इस बार मानसून भी समय से आने पर धान की रोपाई का कार्य और तेज हो गया। जहां पर नहरों व राजकीय नलकूपों की सींच की सुविधा नहीं है। वहां पर बरसात होते ही किसान पंपिंग सेट से खेतों में पानी भर धान की रोपाई कर रहे हैं। अब तक करीब 80 हजार हेक्टेयर पर धान की रोपाई होने की बा...