महाराजगंज, जनवरी 21 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल सीमा के करीब बसे गांवों की पहचान अब केवल दुर्गम रास्तों, संसाधनों के अभाव व पिछड़ेपन से नहीं होगी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत इन सरहदी इलाकों को आधुनिक पर्यटन, बेहतर बुनियादी ढांचे व आत्मनिर्भरता के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिले में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब दूसरे चरण का आगाज हो गया है। इसमें 34 नए गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित कर वहां पर्यटन की उम्मीदों को पंख दिया जाएगा। वाइब्रेंट विलेज योजना के प्रथम चरण में चयनित पांच गांव ईटहिया, भेड़िहारी, गिरहिया, चंडीथान व बनरसिहा कला में बुनियादी ढांचे का काम पूरा किया जा रहा है। स्थानीय युवाओं व महिलाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन गांवों को ...