हापुड़, फरवरी 20 -- नए दौर में देश की इंडियन नर्सरीमेन ने उत्तराखंड की रुड़की आईआईटी से एमओयू साइन कर एआई पर एक साथ काम करने का निर्णय लिया है। रुड़की में एमओयू साइन हो चुके हैं। अब नर्सरी में भी हरित क्रांति लाने का प्रयास नई तकनीक के सहारे शुरू होगा। भारतीय किसान आज एक नए दौर में हैं। गिरता भूजल और अनियमित मॉनसून जैसी चुनौतियां हैं। लेकिन डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से एक नई क्रांति आ रही है। एआई किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद कर रहा है। इससे पानी की बचत हो रही है और उपज बढ़ रही है। यह कृषि के लिए एक बड़ा बदलाव है। जिसकी शुरूआत रुड़की आईआईटी में आज से कर दी गई है। हापुड़ के रहने वाले इंडियन नर्सरीमेन के राष्ट्रीय सचिव मुकुल त्यागी ने हिन्दुस्तान को जानकारी देते हुए बताया कि भारत में अब पौधों को विकसित करने तथा साथ ही ग्लोबल वार्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.