मेरठ, सितम्बर 2 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लगभग 117 एकड़ सरकारी लीज पर दी गई भूमि में से 59 एकड़ जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण के मामले में राज्य सरकार के रवैये पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने कहा है कि मामले में जिस विभाग के अपर मुख्य सचिव पर कार्रवाई की जिम्मेदारी हो, वह बुधवार को दोपहर 12 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने लोकेश कुमार खुराना की ओर से वर्ष 2022 में दाखिल जनहित याचिका पर पारित किया। याची के अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने बताया कि 21 सितम्बर 1972 को 117 एकड़ जमीन मोदी रबर लिमिटेड को इंडस्ट्री लगाने के लिए लीज पर दी गई थी लेकिन बाद में 59.11 एकड़ भूमि का हस्तांतरण मेसर्स मोदी टायर कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स कॉन्टीनेंटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड फरीदाबाद को कर...