नई दिल्ली, मई 21 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्रीय औषधि नियामक प्राधिकरण (सीडीएससीओ) ने स्पष्ट किया है कि इंजेक्शन के जरिये दिए जाने वाले उत्पाद सौंदर्य प्रसाधनों की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसलिए किसी भी ब्यूटी क्लीनिक, वेलनेस सेंटर या पेशेवर को कॉस्मेटिक उत्पादों का इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। सीडीएससीओ ने 18 मई को जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग केवल शरीर की सफाई, सौंदर्यीकरण, आकर्षण और रूप-रंग निखारने के लिए रगड़कर, छिड़ककर या स्प्रे के रूप में किया जा सकता है। इन्हें इंजेक्शन के माध्यम से नहीं दिया जा सकता।यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब देशभर में ब्यूटी क्लीनिकों और वेलनेस केंद्रों में इंजेक्शन के जरिये सौंदर्य बढ़ाने वाले इलाज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। सूत्रों के मुता...