गौरीगंज, सितम्बर 26 -- अमेठी। जिस जायसी शोध संस्थान परिसर में कभी तांगे और घोड़े खड़े होते थे, वहां अब आधुनिक पुस्तकालय, सभागार और पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इसी तरह गुमनाम पड़ी गुरु गोरखनाथ की तपस्थली संवर रही है। धार्मिक और साहित्यिक विरासत के साथ अब अमेठी के प्राकृतिक स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी है। वर्ष 2017 के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 तक जिले में करीब 30.39 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इनसे प्रमुख स्थलों पर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 10.36 करोड़ से जायसी स्मारक का कायाकल्प

जायसी शोध संस्थान के विकास जायस स्थित जायसी शोध संस्थान की कायाकल्प परियोजना पर 10.36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 9.15 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं और करीब 80 प्रतिशत काम पूरा होने की बात कह...