गिरडीह, फरवरी 13 -- झारखंडधाम। दक्षिणवाहिनी इरगा नदी की कलकल ध्वनि और हरित वादियों की गोद में अवस्थित झारखंडधाम आज आस्था, इतिहास और लोक विश्वास का अद्भुत संगम बन चुका है। जमुआ प्रखंड की सीमा पर स्थित यह पावन तीर्थ हीरोडीह थाना क्षेत्र में पड़ता है तथा धनवार और परसन थाना की सरहद को स्पर्श करता है। तीन-तीन थाना क्षेत्रों की सतर्क निगाहों के कारण यहां सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था रहती है, जिससे श्रद्धालु दिन हो या रात, निर्भीक होकर पहुंचते हैं। विवाह-मौसम, पूर्णिमा अथवा पर्व-त्योहारों पर तो यहां श्रद्धा की अविरल धारा उमड़ पड़ती है। लोककथाओं के अनुसार लगभग चार शताब्दी पूर्व झारखंडी नामक एक चरवाहे ने शिवलिंग को साधारण पत्थर समझ कुल्हाड़ी साननी चाही, किंतु उससे रक्त प्रवाहित होते देख वह स्तब्ध रह गया। यहीं से पूजा-अर्चना की परंपरा प्रारंभ हुई। किं...