सिद्धार्थ, मई 18 -- इटवा, हिन्दुस्तान संवाद। इटवा कस्बे में जाम का झाम गुजरते वक्त के साथ आम होता जा रहा है। न जाने कब कस्बे को इस बीमारी से निजात मिलेगी। हर रोज लग रहे जाम से राहगीर और आम लोग ही नहीं वाहन चालक भी कराह उठ रहे। लाइलाज होती जा रही समस्या के समाधान की दिशा में प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। इससे चिलचिलाती धूप के बीच वाहनों की लम्बी कतारों में फंसकर गर्मी के सितम से हर मुसाफिर जूझता नजर आता है।कस्बे में यातायात के कोई नियम कानून नहीं है, साथ ही सड़कों पर बढ़े अतिक्रमण से जाम की समस्या आम हो गई है। ठेले व ऑटो वालों के साथ सड़क की पटरियों पर बेतरतीब वाहन खड़े कर मार्केटिंग करने वाले लोग इसको और बल दे रहे हैं। चिलचिलाती धूप के बीच हर रोज दोपहर में जाम के हालात खासे नाजुक हो जाते हैं। मुख्यमार्ग से वाहन तो दूर कभी-कभ...