मेरठ, मई 21 -- दिनभर आग बरसाने के बाद थकान से चूर सूरज घर लौटने की राह पर था। हल्की धूप थी और शाम ढलते-ढलते रात की ओर बढ़ रही थी। हल्की लालिमा लिए आसमान पर सात बजे हल्के काले रंग की एक गोल आकृति उभरी। लोगों की नजरें टिकी तो टिकी रह गईं। कौतुहल बढ़ता गया। आकृति धीरे-धीरे पश्चिम से पूरब की ओर बढ़ती जा रही थी। कभी गोल होती। कभी तिकोनी। कभी लंबी तो कभी चौड़ी। आसमान में उड़ती छल्लेनुमा यह आकृति कैद करने को लोगों ने अपने मोबाइल के कैमरे आसमान की ओर टिका दिए। फोन करके एक-दूसरे से आसमान मे तैरती अनजान आकृति को देखने की अपील करने लगे। कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर यह आकृति फोटो और वीडियो में कैद होकर वायरल होने लगी। करीब 7.30 बजे यह आकृति आंखों से ओझल हो गई, लेकिन कयासों का दौर बंद नहीं हुआ और सोशल मीडिया पर तैरती रही। यह भी पढ़ें- सूरज की तपिश ने...