बिहारशरीफ, अगस्त 30 -- आषाढ़-सावन बीत गये फिर भी जिराइन समेत अन्य नदियां अब भी सूखीं पानी के अभाव में धान के खेतों में फटीं दरारें, मोटर पंप से फसल बचाने की जद्दोजहद अस्थावां से गुजरने वाली जिराइन, सोयवा, गोठवा और कुम्हारी नदियों में उड़ रही धूल तेजी से नीचे खिसक रहा भूजल स्तर, आने वाले दिनों में गहरा सकता है पेयजल संकट अस्थावां, निज संवाददाता। मानसून की बेरुखी ने इलाके के किसानों की कमर तोड़ दी है। आषाढ़ और सावन का महीना बीत जाने के बाद भी आसमान से राहत की बारिश नहीं हुई है। अस्थावां प्रखंड से गुजरने वाली जिराइन समेत चार प्रमुख नदियां पूरी तरह सूखी पड़ी हैं। खेतों में गहरी दरारें उभर आई हैं। भारी लागत लगाकर धान की रोपनी कर चुके किसान अब अपनी सूखती फसल को बचाने के लिए आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

किसानों की जद्दोजहद निजी मोटर के सहारे फस...