नई दिल्ली, जून 30 -- आषाढ़ मास के देवता वामन, श्रावणस्य पूर्वे मासे आषाढ़: पूज्यते हरिः।स्नानं दानं जपं यज्ञं तद् मासे परमं स्मृतम्॥ -(स्कंद पुराण) अर्थात श्रावण मास से पहले आने वाले आषाढ़ मास में भगवान हरि (विष्णु) की पूजा की जाती है। इस पवित्र महीने में स्नान, दान, जप और यज्ञ करने का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। स्कंद पुराण के अनुसार विष्णु के पांचवें अवतार वामन इस मास के देवता हैं, इसलिए इस मास में वामन अवतार की उपासना विशेष फलदायी होती है। इस माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और प्रत्येक बृहस्पतिवार को भगवान वामन की पूजा और व्रत की परंपरा है। इस मास में खड़ाऊं, छाता और जल दान का विशेष महत्व है।आषाढ़ मास से ही चातुर्मास आषाढ़ मास में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन संस्कार जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इन्हें करने से शुभ फल की प्...