बोकारो, जुलाई 1 -- वर्षा ऋतु का प्रसिद्ध नक्षत्र आर्द्रा 22 जून को प्रवेश किया और 6 जुलाई को शेष हो रहा है। किंतु आर्द्रा नक्षत्र में गर्मी व तेज धूप से जिन किसानों के खेत-बाड़ी में मकई सहित अन्य फसल लगे थे वे पौधे अब सूखने को हैं। ऐसे में अब तो यही प्रतीत हो रहा है कि इस साल खरीफ फसल के लिए मौसम ही अनुकूल नहीं है। कृषि प्रधान देश में जहां वर्षा से ही अधिकांश खेती निर्भर है, आसमान पर तो किसानों की नजर रहेगी ही। इस साल तो रोहिणी नक्षत्र में जब नौतपा में धरती तपती है, तब तो वर्षा हुई। फिर मृगशिरा नक्षत्र में भी वर्षा हुई और जब आर्द्रा नक्षत्र में खरीफ फसल के लिए धान की बुआई और मकई के लिए बारिश की जरूरत है, तो बोकारो-बेरमो में बारिश के लिए हाहाकार जैसी स्थिति है। इससे किसान चिंतित हैं。

आषाढ़ व आर्द्रा की पहली बारिश, फिर निराशा : आर्द्रा नक्...