लखीमपुरखीरी, जनवरी 3 -- आशा वर्कर्स का धरना 18 वें दिन भी जारी रहा। सीएचसी परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपना गुस्सा दिखाया। इस दौरान आशा बहुओ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की और वर्तमान सरकार पर उपेक्षा व भेदभाव का आरोप लगाया। आशा बहुओं का कहना है कि वे कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे अपने बच्चों और परिवार को छोड़कर आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन पर लगातार नई-नई योजनाओं का बोझ डाला जा रहा है, जिससे उन्हें दिन-रात काम करना पड़ता है। आशा बहुओं ने बताया कि डिलीवरी के मामलों में उन्हें अपने छोटे बच्चों को छोड़कर प्रसूता के साथ अस्पताल जाना पड़ता है, जहां कई बार सर्दी से बचाव के लिए आग या अन्य समुचित व्यवस्था तक नहीं होती। अत्यधिक कार्यभार के कारण वे अपने परिवार को समय नहीं दे पा रही हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गर्भवती महिलाओं...