वाराणसी, अगस्त 25 -- हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। कैथी (चौबेपुर) की आशा को 35 साल पहले लापता पति सुदर्शन सिंह के स्थान पर नौकरी मिलने की बड़ी आस है। न्याय की उम्मीद से वह सोमवार को अपनी बेटी के साथ नैनीताल रोड स्थित पुलिस बहुद्देश्यीय भवन में एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल से मिलीं। उन्होंने आर्थिक तंगी का हवाला दिया और कहा कि नौकरी मिलने से वह और उनकी बेटी 'जिंदा' हो जाएगी। उन्होंने उन्हें प्रार्थना पत्र सौंपा। मां-बेटी को जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिला।

सुदर्शन सिंह का लापता होना आशा के मुताबिक उनके पति सुदर्शन सिंह वर्ष 1988 से 1989 तक जीआरपी में थे। इस बीच, उनका तबादला नैनीताल जिले में सिविल पुलिस में सिपाही पर हो गया। उस वक्त उत्तराखंड अस्तित्व में नहीं था। वर्ष 1991 में नैनीताल के तत्कालीन एसएसपी किसी गलती पर उन्हें निलंबित कर द...