आगरा, मार्च 26 -- राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने विशेष उल्लेख के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं की दयनीय स्थिति उठाई। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सेवाएं नियमित करने और मानदेय बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत 12 अप्रैल 2005 को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। आशा कार्यकर्ता इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन महंगाई के दौर में उन्हें मिलने वाला मानदेय ऊंट के मुंह में जीरा समान है। उन्होंने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की सेवाएं नियमित करने और कुशल न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय देने की मांग की। रामजीलाल सुमन ने कहा कि आशा कार्यकर्ता दो दशकों से ग्रामीण अंचल में समर्पित भाव से सेवा कर रही हैं। वर्तमान में उन्हें महज दो...