धनबाद, जून 28 -- झारखंड में वरीय अस्पताल प्रबंधकों के नाम के आगे डॉ लिखे जाने का विवाद थमने की बजाय और गहराता जा रहा है। जूनियर डॉक्टर नेटवर्क ने सरकार की तीन अलग-अलग आदेशों का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि आखिर आवेदन और नियुक्ति प्रक्रिया तक जिन अभ्यर्थियों के नाम के आगे डॉक्टर नहीं था, वे पदस्थापना सूची जारी होते-होते डॉक्टर कैसे बन गए। जूनियर डॉक्टर नेटवर्क के अध्यक्ष डॉ सुशील कुमार ने बताया कि 6 मई को साक्षात्कार के बाद जारी चयन सूची में किसी भी अभ्यर्थी के नाम के आगे डॉक्टर नहीं लिखा गया था। इसके बाद 12 जून को चयनित अभ्यर्थियों की सूचना वेबसाइट पर प्रकाशित की गई। उसमें भी नाम के पहले डॉक्टर का उल्लेख नहीं था। वहीं 23 जून को जारी पदस्थापना अधिसूचना में सभी 29 वरीय अस्पताल प्रबंधकों के नाम के आगे अचानक डॉक्टर जोड़ दिया गया जबकि तीनों...