मेरठ, अगस्त 14 -- अवैध निर्माणों को लेकर दिया गया सुप्रीम कोर्ट का आदेश गुरुवार को भी कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो सका। आवास एवं विकास परिषद अधिकारी भी कोर्ट के आदेश का इंतजार करते रहे। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट का आदेश देखने के बाद ही पता लगेगा कि उसमें सेंट्रल मार्केट से संबंधित क्या हुआ है। देश में अवैध निर्माण को लेकर की जा रही कार्रवाई के विरोध में सेंटर फॉर लॉ एंड गुड गवर्नेंस की तरफ से पीआईएल दाखिल की गई थी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देशभर में लंबे समय से बने अवैध निर्माणों को नियमित करने और उन्हें गिराने के लिए एक समान नीति बनाने की मांग पर विचार करने को कहा गया है। हालांकि कोर्ट ने अवैध निर्माणों को नियमित करने और उन्हें गिराने के ...