बलरामपुर, अप्रैल 17 -- उतरौला, संवाददाता। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से गरीब एवं असहाय परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही आवास योजना कई स्थानों पर धरातल पर अपेक्षित रूप से प्रभावी नहीं दिख रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर लापरवाही के चलते कई पात्र परिवार अब भी कच्चे और जर्जर मकानों में जीवन बिताने को मजबूर हैं।विकास खंड उतरौला के ग्राम पंचायत पिपरा राम की रहने वाली दलित समाज की क्रांति देवी इसका उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ वर्षों से फूस घर में रह रही हैं। कई बार ग्राम प्रधान से आवास के लिए अनुरोध किया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। क्रांति देवी ने बताया कि उनके ससुर पान की छोटी गुमटी चलाते हैं, पति दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। इतनी आमदनी में परिवार का भरण-पोषण ही मुश्किल से हो पाता है, मका...
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