नई दिल्ली, जून 11 -- दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के आवास पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ी से परेशान एक महिला डॉक्टर के लिए राहत भरा फैसला आया है। पोर्टल में खामी के चलते उन्हें न सिर्फ अपना आवंटित फ्लैट छोड़ना पड़ा, बल्कि अपनी ही जमा राशि वापस पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी। अब उपभोक्ता फोरम ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए डीडीए को पैसे लौटाने का आदेश दिया है। दक्षिण (II) जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अध्यक्ष मोनिका अग्रवाल श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. राजेंद्र धर की पीठ ने डीडीए को फटकार लगाते हुए पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाया है। साथ ही स्पष्ट किया कि तकनीकी खामियों का खामियाजा उपभोक्ता को नहीं भुगतना पड़ेगा। मामले के अनुसार, अलकनंदा निवासी डॉ. आकांक्षा मौर्या ने डीडीए हाउसिंग स्कीम 2021 के तहत फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उ...