नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। डीडीए की ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के पुनर्विकास प्रस्ताव को लेकर सोसायटी प्रतिनिधियों ने कई आपत्तियां जताई हैं। उनका कहना है कि तल क्षेत्रफल अनुपात (एफएआर) 300 में पुनर्विकास व्यावहारिक नहीं है। इंद्रप्रस्थ विस्तार सहकारी आवासीय सोसाइटीज महासंघ लिमिटेड के संस्थापक सुरेश बिंदल ने कहा कि पुनर्विकास के दौरान तीन से पांच वर्ष तक निर्माण चल सकता है। ऐसे में मौजूदा निवासियों को वैकल्पिक आवास या किराये पर रहने की व्यवस्था करनी पड़ेगी। निर्माण की लागत अतिरिक्त फ्लैट बेचकर निकालनी होगी, लेकिन 300 एफएआर में पर्याप्त संख्या में फ्लैट तैयार करना मुश्किल होगा।उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत सदस्यों की सहमति के बाद ही पुनर्विकास शुरू होगा। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि नक्शे किस विभाग से स्वीकृत होंगे। प्रतिन...