मैनपुरी, सितम्बर 1 -- अचानक सामने आए आवारा गोवंश ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। बीती 30 अगस्त की रात जब किसान बेवर से अपने घर लौट रहा था, तभी नेशनल हाईवे पर ओवरब्रिज के पास आवारा गोवंश से टकराकर उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सिर में गंभीर चोट आने पर परिजन उन्हें फर्रुखाबाद, कानपुर से लेकर सैफई तक दौड़ते रहे, लेकिन जिंदगी और मौत की इस जंग में मंगलवार को रामबरन की सांसें टूट गईं। नगला सुदामा निवासी 45 वर्षीय रामबरन शाक्य अपने परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा थे। वे खेती-बाड़ी कर अपने दो बेटों और चार बेटियों की परवरिश कर रहे थे। दो बेटियों और बड़े बेटे का घर बसाने के बाद भी उन पर तीन बच्चों की जिम्मेदारी थी, लेकिन नियति के खेल ने बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया। जब रामबरन की तबीयत में सुधार न हुआ तो परिज...