वाराणसी, मार्च 8 -- वाराणसी। 'साइकोजेनिक एपिलेप्सी' का दौरा पड़ने पर मरीज की मुद्रा में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए। उसे आरामदायक स्थिति में बैठाएं या लेटा दें। भोजन, पानी या दवा देने का प्रयास न करें। अलबत्ता डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज की गतिविधियों की वीडियो बनाएं। यह सुझाव एम्स दिल्ली की न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. मंजरी त्रिपाठी ने दिये। वह बीएचयू में 'साइकोजेनिक एपिलेप्सी' पर आयोजित दो दिनी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन पर विचार व्यक्त कर रही थीं। आयोजन आईएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से किया गया था। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि साइकोजेनिक नॉन-एपिलेप्टिक सीजर्स (पीएनईएस) में 80 फीसदी के मानसिक तनाव, आघात, दुर्व्यवहार, धमकाने या अनसुलझे भावनात्मक कारण पाए जाते हैं। उन्होंने रोग के प्रबंधन के लिए चिकित्सकों, मरीजों और देखभाल करने वालों के ...