वाराणसी, अप्रैल 8 -- वाराणसी। भूतल पर महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्य का अवतरण भागवत के गूढ़ अर्थ को जन-जन तक फैलाने के लिए हुआ था। काशी में ही उन्होंने मायावाद का खंडन किया था। भागवत कथा के माध्यम से मानव जीवन के समस्त दुखों एवं समस्याओं का समाधान होता है। ये बातें पं.चंदन कृष्ण शास्त्री ने कहीं। वह शुद्धाद्वैत जप यज्ञ समिति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवचन कर रहे थे। चौखंभा स्थित बेटीजी मंदिर में हो रही कथा में उन्होंने कहा कि भागवत कथामृत श्रवण से मानव जीवन शोक, काम, क्रोध, लोभ से मुक्त होकर कृतार्थ होता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में समिति के अध्यक्ष गोस्वामी कल्याण राय ने कहा कि वैष्णव जनों का परम कर्तव्य है कि जीवन में भगवत नाम स्मरण करें। भगवान की सेवा, कीर्तन, भजन एवं भागवत कथामृत श्रवण मनन का अभ्यास करते रहें। समिति के जन...