धनबाद, फरवरी 26 -- डीसी आदित्य रंजन स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने की लाख कोशिश कर लें, लेकिन जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वे अपनी कार्यशैली पर पड़ी जंग साफ करने को तैयार ही नहीं हैं। इसका ताजा उदाहरण जिले के वे 41 कुष्ठ मरीज हैं, जिन्हें 12-12 हजार रुपए के लिए पिछले 24 महीने यानी दो वर्षों से दौड़ाया जा रहा है। आवंटन रहते भुगतान नहीं होने का यह मामला न केवल विभागीय उदासीनता दर्शाता है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनहीनता भी उजागर कर रहा है। बता दें कि कुष्ठ मरीजों को सर्जरी के बाद 12 हजार रुपए देने का प्रावधान है। इसके लिए सरकार से जिला को मार्च 2024 में ही आवंटन प्राप्त हो चुका था। इसी साल 41 मरीजों ने गोविंदपुर स्थित निर्मला कुष्ठ अस्पताल में सर्जरी कराई थी। प्रावधान के अनु...