मोतिहारी, मार्च 28 -- मोतिहारी। आलू उत्पादक किसानों पर मंदी की मार पड़ रही है। आलू का रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद इसके खरीदार या व्यापारी नहीं मिल रहे हैं। इससे आलू उत्पादक किसान चिंतित दिख रहे हैं। आलू का बाजार मंदा होने से किसान औंधे मुंह गिर पड़े हैं। लागत खर्च भी निकालना हुआ मुश्किल : ग्रामीण क्षेत्र में आलू की कोड़ाई शुरू है। किसान आलू की कोड़ाई के साथ ही व्यापारियों के हाथों बेच देते थे। व्यापारी खेत में लगी आलू फसल की उपज का आकलन कर हूंडा खरीद लेते थे। लेकिन आलू की कीमत प्रति क्विंटल 500 से 550 रुपए होने से किसानों के लिए आलू की खेती घाटे की खेती साबित होने लगी है। किसानों को आलू खेती में लगा लागत खर्च भी नहीं निकल रहा है। विगत दिनों बेमौसम बारिश से भी आलू उत्पादक किसानों को नुकसान हुआ है।प्रति कट्ठा खर्च हुए 5 हजार,आलू का मुनाफा 4 स...