गोपालगंज, जनवरी 3 -- कुचायकोट। एक संवाददाता वर्तमान समय आलू की फसल के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में आलू की खेती कर रहे किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सिपाया स्थित केंद्रीय कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक व परिक्षेत्र प्रबंधक रविकांत कुमार ने बताया कि कोहरा और पाला पड़ने की स्थिति में आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए किसानों को हल्की सिंचाई करनी चाहिए, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और पौधों को ठंड से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। नमी बनी रहने से पौधों की वृद्धि बेह...
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