बस्ती, फरवरी 3 -- साऊंघाट, हिन्दुस्तान संवाद। आलिम, फाजिल, हाफिज व कारी बने 216 छात्रों की दस्तारबंदी कार्यक्रम रविवार रात विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक धार्मिक संस्था दारूल ऊलूम अलीमिया जमदाशाही में हुआ। हिफ्ज के 23, आलमियत के 67, फजीलत के 49 एवं किरात के 77 छात्रों के सिर पर साफा बांधकर उन्हें डिग्री प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में देश व प्रदेश के प्रसिद्ध धर्मगुरु, शायर व विद्वान शामिल हुए। मऊ घोसी से आए अल्लामा जियाउल मुस्तफा ने कहा कि दारूल उलूम अलीमिया दीनी तालीम के साथ देश विदेश में 'अलीमी' नाम को रौशन कर रहा है। प्रदेश के गिने चुने शिक्षण संस्थानों में इसका शुमार होता है। कहा कि इल्म नूर है, जिसके पास होता है, वह रोशन होता है। इल्म को अपने सीने से लगा कर रखें। घर घर से जेहालत को उखाड़ फेकें और इल्मों- हुनर से भर दें। इल्म वह ताकत है, ज...