सुल्तानपुर, मार्च 19 -- सुलतानपुर। आज आर्य समाज मंदिर बाधमंडी में आर्य समाज स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य वैदिक यज्ञ के साथ हुआ। अयोध्या गुरुकुल से पधारे उमानाथ आर्य ने आर्य समाज और वेद को आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि महर्षि दयानंद ने 1875 ई में मुंबई में प्रथम आर्य समाज की स्थापना की। वेदों को सर्वोत्कृष्ट स्थान देकर और पाखंड पर प्रहार कर आर्य समाज ने समाज में जागरूकता फैलाई। सभी को वेद पढ़ने के अधिकार के साथ शिक्षा का चौमुखी विकास किया। महर्षि दयानन्द ने वेदों की ओर लोटो के नारे के साथ आर्य समाज के 10 नियम बनाए जो सामाजिक जागरुकता और विश्व बंधुत्व की भावना का महत्वपूर्ण संदेश है। समाज की तमाम विसंगतियों को दूर करने ...